मनुष्य का एक चान्द्रमास पितरों का एक अहोरात्र होता है। मनुष्य का कृष्णपक्ष पितरों का दिन होता है,एवं शुक्लपक्ष रात्रि। कन्या राशि में सूर्य के स्थित होने पर आश्विन कृष्ण पक्ष पितृपक्ष के रूप में मनाया जाता है। यह पक्ष देव-ऋषि-पितृ-तर्पण एवं पितरों के श्राद्ध के लिए अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होता है। समन्त्रक प्रदत्त जल.. read more →